वरिष्ठ पत्रकार-लेखिका गीताश्री की नई पुस्तक आई है सामयिक प्रकाशन से ‘औरत की बोली’. पुस्तक हिंदी में विमर्श के कुछ…
आज विपिन चौधरी की कविताएँ, जिनमें करुणा है, जीवन के गहरे अनुभवों से उपजा विराग है और एक एक ऐसी…
आज उमेश कुमार सिंह चौहान की कविताएँ. उनकी कविताओं का रंग ज़रा अलग है, उनमें प्रकृति की चिंता है, विनाश…
अशोक कुमार पांडे संवेदनशील कवि ही नहीं हैं एक सजग कथाकार भी हैं. उनकी इस कहानी में हाशिए के लोगों…
हिंदी फ़िल्मी गीतों में साहित्यिकता का पुट देने वाले गीतकार योगेश के बारे में लोग कम ही जानते हैं. एक…
समकालीन हिंदी लेखकों में मनीषा कुलश्रेष्ठ का नाम किसी परिचय का मोहताज नहीं है. हाल में ही उनका उपन्यास आया…
हिंदी की मंचीय कविता को लोकप्रिय बनाने वाले कवियों में बलवीर सिंह रंग का नाम प्रमुखता से लिया जाता है.…
विक्रम चंद्रा भारतीय-अंग्रेजी लेखन के ‘बूम’ के दौर के लेखक हैं. १९९५ में जब उनका उपन्यास ‘रेड अर्थ पोरिंग रेन’…
आज युवा कवि त्रिपुरारि कुमार शर्मा की कविताएँ- ‘मृत्यु’जिसका अर्थ मैंने बाबूजी से पूछा था जाने कहाँ चले गये बिना…
कुछ बरस पहले ऑस्ट्रियन लेखक स्टीफेन स्वाइग की आत्मकथा का हिंदी अनुवाद आया था तो उसकी खूब चर्चा रही. अनुवाद…
