आज मुझे अंग्रेजी कवि आगा शाहिद अली की पंक्तियाँ याद आ रही हैं. उसका सीधे-सीधे अनुवाद न सही भावानुवाद प्रस्तुत…
मार्केज़ ने अपनी एक बातचीत में कहा है कि क्यूबा की साम्यवादी क्रांति के बाद संसार की नज़र लैटिन अमेरिकी…
बरसों पहले गुलज़ार ने एक टीवी धारावाहिक बनाया था ‘ग़ालिब’. उसके शीर्षक गीत में उन्होंने चूड़ीवालान से तुक मिलाते हुए…
अरुण देव की इस कविता में इतिहास के छूटे हुए सफों का ज़िक्र है, उनमें भूले हुए प्रसंग अक्सर पुराने…
अज्ञेय की जन्मशताब्दी को ध्यान में रखकर उनका मूल्यांकन-पुनर्मूल्यांकन ज़ारी है. सस्ता साहित्य मंडल प्रकाशन ने उनकी पांच दुर्लभ किताबों…
कहते हैं गुलशन नंदा ऐसा लेखक था जिसने जासूसों को प्रेम की भूल-भुलैया में भटका दिया. गुलशन नंदा के लेखक…
प्रसिद्ध पत्रकार राजकिशोर का यह लेख हिंदी भाषा के संकटों की चर्चा करता है. कुछ साल पहले लेखक यु. आर.…
सैयद ज़मीर हसन दिल्ली के जेहनो-जुबान के सच्चे शायर हैं. उनकी शायरी में केवल दिल्ली की रवायती जुबान का रंग…
कन्हैयालाल नंदन का निधन हो गया. कन्हैयालाल नंदन का नाम आते ही न जाने कितनी पत्रिकाओं-पत्रों के नाम याद आ…
आज यानी २३ सितम्बर को राष्ट्रकवि रामधारी सिंह दिनकर की जयंती है. लेकिन मन २४ सितम्बर के संभावित अदालती फैसले…
