Close Menu
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Facebook X (Twitter) Instagram
    जानकी पुल – A Bridge of World's Literature.जानकी पुल – A Bridge of World's Literature.
    Subscribe
    • कविताएं
    • संपर्क
    • Vote for 2017 Best Seller
    • Best Seller 2018
    • सहयोग/ समर्थन
    जानकी पुल – A Bridge of World's Literature.जानकी पुल – A Bridge of World's Literature.

    इमरान खान की ‘फ्रैंक’ कहानी

    By July 10, 20119 Comments4 Mins Read

    अंग्रेजी के युवा लेखक-नाटककार-पत्रकार फ्रैंक हुज़ूर एक ज़माने में ‘हिटलर इन लव विद मडोना’ नाटक के कारण विवादों में आये थे, आजकल उनकी किताब ‘इमरान वर्सेस इमरान: द अनटोल्ड स्टोरी’ के कारण चर्चा में हैं. आइये उनकी इस किताब से परिचय प्राप्त करते हैं- जानकी पुल.


    इमरान खान का नाम जब भी ध्यान में आता है १९८०-९० के दशक का वह क्रिकेटर याद आता है जिसके हरफनमौला खेल ने केवल पाकिस्तान ही नहीं भारतीय उप-महाद्वीप के क्रिकेट का लोहा मनवाया था, जिसने लगभग अपने कंधे पर १९९२ में पाकिस्तान को विश्व कप का चैम्पियन बनवाया था. निस्संदेह भारतीय उपमहाद्वीप के दो सर्वकालिक महान ऑलराउंडर्स में एक नाम इमरान खान का है, दूसरा नाम है कपिल देव.
    लेकिन इमरान को याद करने का एकमात्र कारण क्रिकेट ही नहीं है. मुझे याद है जिन दिनों इमरान के खेल की तूती बोलती थी उन दिनों मैं स्कूल-कॉलेज का स्टूडेंट हुआ करता था, और साथ पढ़ने वाली लड़कियां अपने कमरे में इमरान के पोस्टर्स लगाया करती थीं, किताबों पर उसके कवर लगाया करती थीं, न जाने कितनी लड़कियां इमरान को देखने के लिए क्रिकेट का खेल देखा करती थीं. यह इमरान के जीवन का दूसरा पहलू है, उनको बहुत बड़े ‘प्लेबॉय’ के रूप में भी जाना जाता है, ऐसे प्लेबॉय के रूप में जिसकी दीवानगी ने संसार की सारी भौगोलिक सीमाओं को तोड़ दिया. आज इमरान पाकिस्तान में ‘तहरीके-इन्साफ’ पार्टी के प्रमुख के रूप में जाने जाते हैं, पाकिस्तानी राजनीति में बदलाव की बहुत बड़ी उम्मीद के तौर पर. यह इमरान के ४० साल के सार्वजनिक और बहुवर्णी जीवन का एक और पहलू है. ये सारी बातें ध्यान इसलिए आ रही हैं क्योंकि इन दिनों उनके ऊपर युवा लेखक फ्रैंक हुज़ूर की किताब आई है ‘इमरान वर्सेस इमरान: द अनटोल्ड स्टोरी’, जो बेहद चर्चा में है. फ्रैंक ने अपने बचपन के हीरो इमरान खान के कई सेशंस में में बातचीत की, इसके लिए आठ बार पाकिस्तान की यात्रा की, और सामने आई यह किताब. जिसमें इमरान के जीवन के अनेक अनछुए पहलू पहली बार उद्घाटित हुए हैं. मीडिया में किताब में आये एक हवाले की इन दिनों बेहद चर्चा है. दशकों से इस बात को लगभग स्थापित तथ्य की तरह मान लिया गया था कि जिन दिनों इमरान ऑक्सफोर्ड युनिवर्सिटी में पढते थे उन्हीं दिनों बेनजीर भुट्टो भी वहां पढ़ती थी, और उस दौरान उन दोनों में नजदीकियां आई थीं. जब तक बेनजीर कुंवारी थी कई बार यह अफवाह उड़ी कि इमरान और बेनजीर शादी करने वाले हैं. बहरहाल, भारतीय उप-महाद्वीप के दो बेहद खूबसूरत और शक्तिशाली जोड़े की इस दशकों पुरानी रूमानी कथा को लेकर पहली बार इस किताब में इमरान ने कहा है कि असल में बेनजीर के साथ उनका संबंध नहीं था बल्कि उनके रिश्ते के एक भाई का संबंध था, और दोनों विवाह भी करने वाले थे. यह मिथक-भंग की तरह है.
    लेकिन फ्रैंक हुज़ूर की इस किताब में केवल यही नहीं है. इसमें इमरान की जुबानी उनके व्यक्तित्व को समझने की कोशिश की गई है, जो लाखों-करोड़ों के लिए महानायक है, कट्टरपंथियों के लिए खलनायक, जिसने एक गोरी चमड़ी वाली जेमिमा गोल्डस्मिथ से शादी की, जिसका नाम न जाने कितनी विदेशी महिलाओं के साथ जुड़ा, सीता व्हाइट के साथ उसके अवैध बच्चे होने की बात भी मीडिया में आई, कहते हैं लंदन के ‘डिस्कोज़’ में इमरान के आते ही उजाला फ़ैल जाता था, उसके मर्दाना लुक का उजाला, उसकी अदाओं का उजाला. आज भी दिल्ली या मुंबई के नाइट क्लबों में जब वह कभी-कभी आता है तो अगले दिन के पेज थ्री पर उसकी खबर प्रमुखता से होती है. उसकी उम्र ढल रही है लेकिन सुंदरता, अदाओं का जलवा अब भी बना हुआ है. लेकिन वही इमरान पाकिस्तान में कैंसर अस्पताल बनवाने के लिए अपने जलवे के इस्तेमाल से धन इकठ्ठा करता है, पाकिस्तान में बदलाव की कम से कम आवाज़ तो बुलंद करता ही है.

    “इमरान वर्सेस इमरान’ इमरान के जीवन से जुड़े सभी पहलुओं को उनकी जुबानी सामने लाती है जो इस पुस्तक को उनकी आधिकारिक जीवनी बनाती है. पुस्तक में फ्रैंक ने इमरान के सार्वजनिक के निजी सन्दर्भों के सहारे समझने का प्रयास किया है और अधिकांश मुद्दों पर पर इमरान ने अपनी राय साफगोई से रखी है. उस इमरान खान की जिसने कभी पाकिस्तान के क्रिकेट का मिजाज़ बदल कर रख दिया था, आज वह पाकिस्तान की राजनीति की सबसे बड़ी उम्मीद है. यह अलग बात है कि १५ सालों के राजनीतिक कैरियर के आधार पर इस कथन का समर्थन नहीं किया जा सकता. कम से कम एक नेता तो है पाकिस्तान में जो ईमानदार है, जिसका ‘आउटलुक’ आधुनिक है और जिसमें बदलाओं को लेकर संजीदगी दिखाई देती है. फ्रैंक हुज़ूर की यह किताब निस्संदेह एक नए इमरान को सामने लेकर आती है, जो महज एक स्टार या प्लेबॉय नहीं है, एक ‘स्टेट्समैन’ भी है जो गहरी और बेबाक राजनीतिक समझ रखता है.      

    Related Posts

    Драгон Мани: Мифический зверь или реальный выигрыш?

    June 21, 2026

    test

    June 21, 2026

    Драгон Мани: Мифический зверь или реальный шанс на выигрыш?

    June 21, 2026
    View 9 Comments
    Leave A Reply Cancel Reply

    Recent Posts

    • Драгон Мани: Мифический зверь или реальный выигрыш?
    • test
    • Драгон Мани: Мифический зверь или реальный шанс на выигрыш?
    • Dragon Money Сайт: Всё, что нужно знать о платформе
    • Драгон Мани Игры: Мифы и Реальность

    Recent Comments

    No comments to show.
    जानकी पुल – A Bridge of World's Literature.
    Facebook X (Twitter) Instagram Pinterest Vimeo YouTube
    © 2026 jankipul. Designed by jankipul.

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.